:
Breaking News

Bihar Weather News: बिहार के 18 जिलों में बारिश-आंधी और वज्रपात का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चल सकती है हवा

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार के 18 जिलों में बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट, पटना में धूप के साथ बढ़ सकती है गर्मी और उमस।

पटना, 7 अक्टूबर आलम की खबर: बिहार से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है, लेकिन विदाई से पहले मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में स्थानीय मौसमी सिस्टम सक्रिय रहने के कारण बुधवार को बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी चंपारण से लेकर सीमांचल, दक्षिण-पश्चिम बिहार और कुछ अन्य जिलों को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इस दौरान तेज हवा चलने की भी संभावना है।

18 जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी

बुधवार को जिन जिलों में मौसम खराब होने की संभावना जताई गई है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल, औरंगाबाद, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं।

इन इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। मौसम के अचानक बदलने के दौरान तेज हवा भी परेशानी बढ़ा सकती है। लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पटना केंद्र ने 7 से 9 अक्टूबर तक बिहार में गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधि की संभावना जताई है। इसके बाद 10 अक्टूबर से राज्य के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है। 

50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

मौसम खराब होने के दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

आंधी के दौरान कमजोर पेड़, होर्डिंग, टीन की छत, बिजली के तार और अस्थायी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे मौसम में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

पटना में धूप के साथ बढ़ेगी गर्मी और उमस

राजधानी पटना में बुधवार को मौसम बाकी अलर्ट वाले जिलों की तुलना में काफी सामान्य रहने की संभावना है। यहां बारिश की संभावना कम है और दिन में धूप निकल सकती है।

धूप के कारण दिन के तापमान में अगले चरण में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही वातावरण में नमी रहने से लोगों को गर्मी और उमस अधिक महसूस हो सकती है।

यानी एक तरफ राज्य के कुछ जिलों में बारिश और वज्रपात की स्थिति रहेगी, वहीं पटना सहित कई दूसरे हिस्सों में धूप और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।

मानसून की वापसी के बीच क्यों हो रही बारिश?

बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा आगे बढ़ते हुए सुपौल तक पहुंच चुकी है। इसका मतलब है कि राज्य में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर हो रही हैं। इसके बावजूद वातावरण में मौजूद नमी और अलग-अलग मौसमी सिस्टम के कारण कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी है।

मौसम विभाग के अनुसार बिहार के आसपास कई ट्रफ सक्रिय हैं। इनमें से एक सिस्टम उत्तर-पूर्व बिहार से बंगाल की खाड़ी की ओर प्रभाव डाल रहा है, जबकि दूसरा सिस्टम दक्षिण बिहार से मध्य भारत की ओर फैला हुआ है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण खासकर पूर्वी, सीमावर्ती और दक्षिणी हिस्सों में बादल बनने तथा गरज के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना कम है। मानसून की वापसी आगे बढ़ने के साथ राज्य में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने की ओर जाएगा। 

पिछले 24 घंटे में कई जगह हुई बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मुंगेर, गयाजी, बांका और मोतिहारी सहित कुछ क्षेत्रों में बारिश का असर देखने को मिला।

पटना में मौसम के दौरान धूप और बादलों की आवाजाही बनी रही। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे मानसून राज्य से पूरी तरह विदा होगा, बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों पर भी मौसम की नजर

राज्य के कुछ हिस्सों में अभी बाढ़ का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। करीब छह जिलों के सैकड़ों गांवों में बाढ़ की स्थिति से बड़ी आबादी प्रभावित बताई जा रही है। सारण में इसका असर ज्यादा गंभीर बताया गया है।

हालांकि पटना में गंगा नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने से नदी किनारे रहने वाले लोगों को राहत मिलने लगी है। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों में बारिश होने पर स्थानीय स्तर पर परेशानी फिर बढ़ सकती है।

मंगलवार को राजगीर रहा सबसे गर्म

मंगलवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान राजगीर में दर्ज किया गया, जहां पारा 36.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा।

इसके अलावा दरभंगा में 32.6 डिग्री, मुजफ्फरपुर में 30.8 डिग्री, गया में 31.6 डिग्री और भागलपुर में 32.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मौसम में यह बदलाव मानसून की वापसी और दिन में निकल रही धूप के बीच देखने को मिल रहा है। अगले कुछ दिनों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां कमजोर पड़ने के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम के शुष्क होने की उम्मीद है।

वज्रपात के दौरान क्या सावधानी बरतें

आंधी और वज्रपात के समय लोगों को खुले स्थान पर खड़े होने से बचना चाहिए। पेड़, बिजली के खंभे और ऊंचे ढांचे के नीचे खड़े होना भी जोखिम भरा हो सकता है। बारिश और बिजली चमकने के दौरान संभव हो तो घर के अंदर रहें तथा विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें।

ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से मौसम की चेतावनी पर ध्यान देने की जरूरत है। मौसम खराब होते ही सुरक्षित स्थान पर चले जाना बेहतर होगा।

यह भी पढ़ें

सिंघिया प्रखंड में मौसम की आफ़त से किसानों की फसल पर भारी नुकसान

संपादकीय विचार

मानसून की विदाई के दौरान मौसम का यह बदलाव सामान्य मौसमी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, लेकिन वज्रपात और तेज हवा को हल्के में नहीं लिया जा सकता। खासकर ग्रामीण इलाकों में खुले खेतों में काम करने वाले लोगों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को मौसम की चेतावनी के दौरान अतिरिक्त सतर्क रहना जरूरी है। प्रशासन और आम लोगों के बीच समय पर सूचना का आदान-प्रदान ऐसी परिस्थितियों में नुकसान कम करने में अहम भूमिका निभाता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *